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कहाँ हैं भगवान – कब सुनेंगे वो हमारी ?

कहाँ हैं भगवान

कहाँ हैं भगवान – कब सुनेंगे वो हमारी ?

हम अक्सर ये सोचते रहतें हैं की, भगवान कहाँ है या वो है भी या नहीं है ? अगर है तो वो हमारी परेशानियों को दूर क्यों नहीं कर देते ? उनके होते हुए हमे इतना दुःख, कष्ट क्यों सेहना पढ़ता है ? तो आइये दोस्तों, इस बात का उत्तर आज हम एक बहुत प्यारी सी कहानी के जरिये जानते है की भगवान हमारी कब सुनेंगे ?

एक आदमी हर बार की तरह अपने नाई की दूकान पर बाल कटवाने गया. जैसा की, दुकान पर अक्सर देश-दुनिया की बातें हुआ करती है… आज भी वे लोग, दुनियां, और राजनीति, इत्यादि के बारे में बात कर रहे थे कि अचानक भगवान् के अस्तित्व की बात होने लगी .

नाई ने कहा, मैं भगवान के अस्तित्व में यकीन नहीं रखता .”

“ तुम ऐसा क्यों कहते हो ?”, आदमी ने पूछा .

“अरे , ये बात तो बहुत आसान है, बस गली में जाकर देखो और आप समझ जाआगे, कि भगवान नहीं है और मुझे उनके होने पर यकीन क्यों नहीं है. आप ही बताइए कि अगर भगवान होते तो क्या इतने लोग बीमार होते ? इतने बच्चे अनाथ होते ? अगर भगवान् होते तो किसी को कोई दर्द कोई तकलीफ नहीं होती ”, नाई ने बोलना जारी रखा , “ मैं ऐसे भगवान के बारे में नहीं सोच सकता जो इन सब चीजों को होने दे . आप ही बताइए कहाँ है भगवान और कब सुनेंगे वो हमारी ?”

आदमी कुछ पल के लिए रुका, कुछ सोचा , पर फालतू बात बढे ना इसलिए चुप ही रहा.

नाई ने अपना काम ख़तम किया और आदमी कुछ सोचते हुए दुकान से बाहर निकला और कुछ देर बहार ही खड़ा हो गया. . कुछ देर इंतज़ार करने के बाद उसे एक लम्बी दाढ़ी – मूछ वाला अधेड़ व्यक्ति उस तरफ आता दिखाई पड़ा , उसे देखकर लगता था मानो वो कितने दिनों से नहाया-धोया ना हो.

अब वह आदमी तुरंत नाई कि दुकान में वापस घुस गया और बोला , “ जानते हो इस दुनिया में नाई नहीं होते !”

“भला कैसे नहीं होते हैं ?”, नाई ने सवाल किया, “ मैं साक्षात तुम्हारे सामने हूँ!! ” अभी ही तुम्हारे भी बाल काटें मैंने!

“नहीं ” आदमी ने कहा, “ वो नहीं होते हैं वरना किसी की भी लम्बी दाढ़ी – मूछ नहीं होती पर वो देखो सामने उस आदमी की कितनी लम्बी दाढ़ी-मूछ है !!”

“ अरे नहीं भाईसाहब नाई होते हैं लेकिन बहुत से लोग हमारे पास नहीं आते .” नाई बोला

“बिलकुल सही ” आदमी ने नाई को रोकते हुए कहा ,” यही तो बात है, भगवान भी होते हैं पर लोग उनके पास नहीं जाते और ना ही उन्हें खोजने का प्रयास करते हैं, इसीलिए दुनिया में इतना दुःख-दर्द है.”

************************** कहानी से प्रायः ******************************

तो ये बात तो तय हो गयी की, नाई तभी हमारे बल कटेगा जबकि हम उसको बोलेंगे या उसके पास जायेंगे ! ठीक उसी प्रकार भगवान तो है, और वे भी हमारी मदद करने चाहते है, लेकिन पहले हमे उनके पास जाना होगा, अपना दुःख – दर्द, तकलीफ उन्हें बतानी होगी और सबसे जरुरी बात उन पर विश्वास करना होगा की, वे हमारी मदद जरूर करेंगे और जो हमारे लिए सबसे बेहतर होगा वही करेंगे!

आशा हैं, की आपको ये उदहारण समझ में आया हो और आप भी भगवान पर विश्वास करेंगे एवं इसे अपने जीवन से मिलाने की कोशिश की होगी ! और उम्मीद है की इस कहानी को पढ़ने के बाद – जो आपके पास है आप उसमे संतुष्ट होंगे तथा आगे जो मिलेगा वो भगवान की मर्जी से मिलेगा ये भरोसा हो! अगर आप हमारी बात से सहमत करते हो और आपको ये कहानी अच्छी लगी तो हमे कम्मेंट करके जरूर बताए, हमे आपके कमैंट्स का इंतज़ार रहेगा !